Phulera Dooj 2026: तिथि, शुभ योग, राधा-कृष्ण की कथा, विवाह बाधा दूर करने के उपाय
Phulera Dooj 2026: राधा-कृष्ण के पुष्प उत्सव का पावन पर्व, जानें तिथि, शुभ योग, कथा और विवाह बाधा निवारण उपाय
फाल्गुन मास की शुरुआत होते ही ब्रजभूमि में भक्ति, प्रेम और उत्सव का वातावरण बन जाता है। इसी पावन समय में मनाया जाता है फुलेरा दूज , जो भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी के दिव्य प्रेम और पुष्प उत्सव का प्रतीक है।
phulera dooj को शुभ कार्यों के लिए अबूझ मुहूर्त भी माना जाता है, यानी इस दिन बिना पंचांग देखे मांगलिक कार्य किए जा सकते हैं।
Phulera Dooj क्या है और क्यों खास है?
फुलेरा दूज फाल्गुन शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाने वाला एक अत्यंत शुभ पर्व है। इस दिन रंग-गुलाल की जगह फूलों से होली खेली जाती है।
मान्यता है कि फुलेरा दूज के दिन श्रीकृष्ण ने राधा रानी और गोपियों के साथ पुष्प उत्सव मनाया था।
यही कारण है कि phulera dooj को प्रेम, सौभाग्य और वैवाहिक सुख का पर्व कहा जाता है।
Phulera Dooj 2026 Date
- तिथि: फाल्गुन शुक्ल द्वितीया
- दिन: शुक्रवार
- Phulera Dooj 2026: 20 फरवरी 2026
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार फुलेरा दूज का दिन पूरे दिन शुभ फल प्रदान करता है।
Phulera Dooj 2026 के शुभ मुहूर्त (Key Timings)
कार्य | शुभ समय |
|---|---|
पूजा समय | सुबह 7:10 से 11:45 |
अभिजीत मुहूर्त | 12:05 से 12:50 |
विवाह / सगाई | पूरे दिन |
राधा-कृष्ण पुष्प अर्पण | शाम 4:00 से 7:00 |
phulera dooj पर अबूझ मुहूर्त होने के कारण विवाह और गृह प्रवेश अत्यंत शुभ माने जाते हैं।
2 शुभ योग में Phulera Dooj 2026
इस वर्ष phulera dooj पर बन रहे हैं दो विशेष शुभ योग:
सर्वार्थ सिद्धि योग
- हर कार्य में सफलता
- विवाह और नए काम के लिए श्रेष्ठ
रवि योग
- नकारात्मकता का नाश
- बाधाओं से मुक्ति
इन योगों में मनाया गया phulera dooj जीवन में स्थायी शुभता लाता है।
फाल्गुन में कब है Phulera Dooj?
फाल्गुन मास की शुरुआत के साथ ही phulera dooj ब्रज क्षेत्र में होली उत्सव की आध्यात्मिक शुरुआत मानी जाती है।
phulera dooj के बाद लठमार होली और रंगोत्सव का क्रम शुरू होता है।
फुलेरा दूज पर जरूर करें ये काम
phulera dooj के दिन किए गए उपाय विशेष फल देते हैं:
- श्रीकृष्ण को पीले फूल अर्पित करें
- राधा रानी को गुलाब चढ़ाएं
- घर में पुष्प सजावट करें
- जरूरतमंदों को दान करें
“ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें
यदि आप विधि-विधान से पूजा करवाना चाहते हैं तो my puja pandit के माध्यम से अनुभवी पंडित से संपर्क कर सकते हैं।
विवाह में आ रही बाधा दूर करने का Phulera Dooj उपाय
यदि विवाह में देरी या रुकावट है, तो phulera dooj का यह उपाय अत्यंत प्रभावी माना जाता है:
विशेष उपाय
- पीले वस्त्र पहनें
- राधा-कृष्ण को फूल अर्पित करें
- मंत्र जाप करें –
“ॐ श्री राधा-कृष्णाय नमः” - 11 दीपक जलाकर प्रार्थना करें
इस शुभ दिन पर आप book online pandit की सुविधा लेकर पूजा करवा सकते हैं।
Phulera Dooj की पौराणिक कथा
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार एक बार phulera dooj के दिन भगवान श्रीकृष्ण ने वृंदावन में राधा रानी और गोपियों के साथ फूलों की होली खेली।
उस दिन न रंग था, न गुलाल—केवल फूल और प्रेम था।
तभी से यह पर्व फुलेरा दूज के नाम से प्रसिद्ध हुआ।
Krishna’s Floral Festival with Radha and the Gopis
आज भी वृंदावन में phulera dooj पर यह अद्भुत दृश्य देखने को मिलता है:
- फूलों से सजे श्रीकृष्ण
- राधा रानी संग विराजमान
- गोपियों द्वारा पुष्प वर्षा
- मंदिरों में भजन-कीर्तन
यह उत्सव phulera dooj को विशेष बनाता है।
वृंदावन और मथुरा में Phulera Dooj का महत्व
- बांके बिहारी मंदिर में पुष्प होली
- राधा-वल्लभ मंदिर में विशेष दर्शन
- भक्तों पर फूलों की वर्षा
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Phulera Dooj का आध्यात्मिक महत्व
- प्रेम और सौहार्द का प्रतीक
- वैवाहिक सुख की प्राप्ति
- सकारात्मक ऊर्जा का संचार
- शुभ कार्यों की शुरुआत
इसीलिए phulera dooj को अत्यंत फलदायी पर्व माना गया है।
निष्कर्ष
phulera dooj न केवल एक पर्व है, बल्कि यह प्रेम, भक्ति और सौभाग्य का उत्सव है।
यदि आप विवाह, नए कार्य या सुख-शांति की कामना कर रहे हैं, तो फुलेरा दूज का दिन सर्वोत्तम है।
पूजा के लिए आप my puja pandit की मदद से आसानी से book online pandit कर सकते हैं और विधिपूर्वक पूजन करा सकते हैं।
राधे-राधे

