गणेश चतुर्थी में दूर्वाचन का महत्व और फायदे
गणेश चतुर्थी में हमे भगवान गणेश जी को सबसे प्रिय मोदक माना गया हैं परंतु दूर्वा गणेश जी को बहुत प्रिय हैं जय शिव जी को बिल्वपत्र और भगवान नारायण को तुलसी की डाल प्रिय हैं वैसे ही गणेश जी को दूर्वा बहुत प्रिय हैं आप सभी गणेश चतुर्थी के दिन भगवान गणपति का सहस्र नाम से दूर्वाचन करे इससे बुद्धि के दाता गणेश जी प्रसन्न होते हैं भगवान गणेश अथर्वशीर्ष का पाठ करें सुने बहुत ही लाभदायक होता हैं १०८ मोदक से सहसर्चन करे उससे हमे शास्त्रों के अनुसार, जो भक्त गणेश जी को श्रद्धापूर्वक दूर्वा अर्पित करते हैं, उन्हें सभी मनोकामनाओं की पूर्ति और पुण्य फल की प्राप्ति होती है । सुख समृद्धि धन लाभ,,सभी प्रकार की परेशानियाँ दूर होती है,,बुद्धि और ज्ञान की वृद्धि, हमारे वंश की वृद्धि दीर्घायु और सुख की प्राप्ति होती है वैसे हम शास्त्र के अनुसार बुधवार को गणेश जी का पूजन विशेष रूप से स्नान पंचामृत से स्नान कराते हैं फिर वस्त्र चंदन पुष्प माला सुंगधित द्रव्य धूप दीप नैवेद्य अर्पित करके भगवान को दूर्वाचन करे
विद्यार्थी लभते विद्यां धनार्थी लभते धनम् ।
पुत्रार्थी लभते पुत्रान्मोक्षार्थी लभते गतिम् ।।
विद्यार्थी को विद्या प्राप्त होती हैं
धन की इच्छा रखने वाले को धन मिलता
संतान चाहने वाले को संतान सुख
मोक्ष की कामना करने वाले प्राणियों को मोक्ष की प्राप्ति होती है

